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वित्तपोषण

 

वित्तपोषण राष्ट्रीय आवास बैंक की प्रमुख गतिविधियों में से एक है। रा.आ.बैंक पुनर्वित्त के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करता है तथा ऋणदाता संस्थानों के एक बड़े समूह को प्रत्यक्ष वित्त प्रदान करता है।

पुनर्वित्त, प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों (पीएलआई) को उनके द्वारा पात्र वैयक्तिक उधारकर्ताओं को प्रदत्त आवास ऋण के संबंध में प्रदान किया जाता है। पुनर्वित्त विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान किया जाता है जो ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में आबादी के सभी वर्गों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
पीएलआई में आ.वि.कं., अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, अनुसूचित राज्य सहकारी बैंक, अनुसूचित शहरी सहकारी बैंक, लघु वित्त बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, शीर्ष सहकारी आवास वित्त सोसायटी (एसीएचएफ) तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (एआरडीबी) शामिल हैं।
पुनर्वित्त, आ.वि.कं. को उनके द्वारा विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों को प्रदान किये गये परियोजना ऋणों हेतु भी प्रदान किया जाता है।

रा.आ.बैंक बड़े पैमाने पर एकीकृत आवासीय परियोजनाओं तथा स्लम पुनर्विकास परियोजनाओं हेतु सार्वजनिक आवास एजेंसियों जैसे कि राज्य स्तरीय आवास बोर्ड एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरणों को प्रत्यक्ष वित्त प्रदान करता है।

रा.आ.बैंक, आ.वि.कं. तथा अन्य संबंधित कंपनियों की इक्विटी शेयर पूंजी में भी योगदान देता है।

उपर्युक्त के अतिरिक्त, रा.आ.बैंक ने विगत में आवास ऋण प्राप्यों को प्रतिभूत करने हेतु विशेष प्रयोजन माध्यम (एसपीवी) के तौर पर कार्य किया है। (प्रतिभूतिकरण)

रा.आ.बैंक की आ.वि.कं. (गारंटी) द्वारा जारी बॉण्ड्स पर मूलधन की चुकौती तथा ब्याज भुगतान की गारंटी देने की भी योजना थी ।