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हमारे बारे में

 
उत्पत्ति
  • सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) के आवास वित्त पर उप –समूह ने एकल परिवारों के लिए दीर्घावधि वित्त की अनुपलब्धता की पहचान किसी महत्वपूर्ण मापक पर की है जो कि आवास क्षेत्र की प्रगति में प्रमुख रुकावट है और इस समूह ने एक राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना की सिफ़ारिश की।
  • सचिवों की समिति ने सिफ़ारिश पर विचार किया और प्रस्ताव की जांच हेतु डा. सी. रंगराजन, तत्कालीन उपगर्वनर, भारतीय रिजर्व बैंक की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समूह का गठन किया तथा एक स्वायत्त आवास वित्त संस्थान के तौर पर राष्ट्रीय आवास बैंक की स्थापना की सिफ़ारिश की। भारत सरकार ने उच्च स्तरीय समूह की सिफ़ारिशें स्वीकार की।
  • भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी, 1987 को वर्ष 1987-88 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते समय आवास वित्त हेतु एक शीर्ष स्तरीय संस्थान के तौर पर राष्ट्रीय आवास बैंक की स्थापना के निर्णय की घोषणा की। तदनुसार, राष्ट्रीय आवास बैंक बिल (91/1987) में रा.आ.बैंक के स्थापना हेतु वैधानिक ढांचा प्रस्तुत किया गया जो संसद द्वारा 1987 के शीतकालीन अधिवेशन में पारित हुआ तथा भारत के माननीय राष्ट्रपति की स्वीकृति से 23 दिसंबर 1987 को यह संसद अधिनियम बन गया।
  • राष्ट्रीय आवास नीति,1988 ने रा.आ.बैंक को आवास हेतु शीर्ष स्तरीय संस्थान के तौर पर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
  • उपरोक्त के अनुसरण में, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम 1987 के अंतर्गत राष्‍ट्रीय आवास बैंक की स्थापना 9 जुलाई , 1988 को गई।
  • पूर्ण प्रदत्त पूंजी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अभिदत्त है।
  • अधिनियम के तहत, रा०आ०बैंक के कार्य और कारोबार का सामान्य पर्यवेक्षण, निर्देश और प्रबंधन, निदेशक मंडल के अधीन है।
  • रा०आ०बैंक का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है।
प्रस्तावना

राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम 1987 की प्रस्तावना में रा०आ०बैंक के आधारभूत कार्यों का विवरण निम्नानुसार है-

“स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर आवास वित्त संस्थानों के संवर्धन हेतु एक प्रमुख एजेंसी के तौर पर कार्य संचलान तथा ऐसे संस्थानों को वित्तीय एवं अन्य सहायता और उनसे संबंधित अथवा उनसे प्रासंगिक विषयों के लिए उपलब्ध कराना”

विजन

“आवास वित्त बाजार में स्थाईत्व सहित सघन विस्तार का संवर्धन”

मिशन

“जनसंख्या के सभी वर्गों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निम्न और मध्य आय आवास पर ध्यान देने सहित बाजार संभावनाओं को तलाशना और उसका संवर्धन”

उद्देश्य

रा०आ०बैंक की स्थापना, अन्य बातों के साथ-साथ, निम्न लिखित लक्ष्यों को प्राप्ति करने के लिए की गई है-

  • क. जनसंख्या के सभी वर्गों के लिए एक सुदृढ़, स्वस्थ , व्यवहार्य तथा लागत प्रभावी आवास वित्त प्रणाली का संवर्धन और संपूर्ण वित्तीय प्रणाली से आवास वित्त प्रणाली का समेकन ।
  • ख. विभिन्न आय समूहों तथा विभिन्न क्षेत्रों को पर्याप्त तौर पर सेवा करने हेतु समर्पित आवास वित्त संस्थानों का एक नेटवर्क विकसित करना ।
  • ग. इस क्षेत्र हेतु संसाधनों का संवर्धन और उनका आवास हेतु प्रणालनीकरण
  • घ. आवास ऋण को अधिक किफायती बनाना
  • च. अधिनियम से प्राप्त विनियामक एवं पर्यवेक्षी प्राधिकार के तौर पर आवास वित्त कंपनियों के क्रियाकलापों का विनियमन
  • छ. आवास हेतु भवन निर्माण योग्य भूमि और भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति की वृद्धि को भी प्रोत्साहन देना तथा देश में आवास इकाईयों का उन्नयन
  • ज. आवास हेतु सेवित भूमि के पूर्तिकर्ताओं और सुविधा प्रदाताओं के तौर पर सार्वजनिक एजेंसियों को प्रोत्साहन देना
निदेशक मंडल

श्री शारदा कुमार होता
प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय आवास बैंक
डॉ प्रसन्न कुमार मोहंती
केंद्रीय निदेशक मंडल, भारतीय रिज़र्व बैंक
श्री प्रसांत कुमार
विशेष सचिव, भारत सरकार, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
श्री अमृत अभिजात
संयुक्त सचिव, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय
श्री आनंद मधुकर
विशेष कार्याधिकारी (संयुक्त सचिव स्तर), वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय
श्री मनोज कुमार मीणा
सचिव, आवास विभाग, कर्नाटक सरकार
श्रीमती सीमा रेखा भूयां
एसीएस, सचिव, गृह, राजनीतिक और पासपोर्ट विभाग, असम सरकार

संगठन

राष्ट्रीय आवास बैंक एक साधारण, अधिकारी उन्‍मुख, पेशेवर प्रबंधित संस्‍थान है, जिसका मुख्‍यालय दिल्‍ली में तथा मुम्‍बई, हैदराबाद, बैंगलुरू, कोलकाता और अहमदाबाद में कार्यालय स्थित हैं। बैंक में विभिन्‍न स्‍तरों पर 127 पेशेवर अधिकारी कार्यरत हैं। राष्ट्रीय आवास बैंक नवाचारी प्रक्रियाओं, कर्त्‍तव्‍यनिष्‍ठता, कार्य संस्‍कृति और प्रौद्योगिकी सहायता के माध्‍यम से समसामयिक कार्य व्‍यवहार के द्वारा श्रेष्‍ठतम स्‍तर पर कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक में निम्नलिखित विभाग हैं:

  1. 1. लेखा विभाग
  2. 2. लेखापरीक्षा विभाग
  3. 3. बोर्ड एवं प्रबंध निदेशक सचिवालय
  4. 4. अनुपालन विभाग
  5. 5. पर्यवेक्षण विभाग (डीओएस)
    1. 5.1. निरीक्षण
  6. 6. सरकारी योजानायें
    1. 6.1. ऋण गारंटी निधि न्यास
  7. 7. मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग
    1. 7.1. ज्ञान केंद्र
    2. 7.2. राजभाषा
  8. 8. आईटी विभाग
  9. 9. एमआरसीपीडी एवं कॉरपोरेट संचार
    1. 9.1. एमआईएस प्रकोष्ठ
  10. 10. परिसर विभाग
  11. 11. विधि एवं वसूली विभाग
    1. 11.1. आरटीआई प्रकोष्ठ
  12. 12. पुनर्वित्त एवं परियोजना वित्त विभाग
  13. 13. संसाधन संग्रहण एवं प्रबंधन विभाग (आरएमएमडी)
  14. 14. जोखिम प्रबंधन विभाग (आरएमडी)
  15. 15. सतर्कता विभाग

बैंक के कार्यालय

 

मुख्‍य कार्यालय
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
कोर 5ए, इंडिया हैबीटेट सेंटर, 3री-5वीं मंजिल, लोधी रोड,
नई दिल्‍ली- 110003
फोन नं. +91-11-24649031 से 35
फैक्‍स नं. +91-11-24646988, 24649041
ईमेल- ho@nhb.org.in

क्षेत्रीय कार्यालय:
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
मुंबई लाइफ बिल्डिंग,
45, वीर नरीमन रोड, फोर्ट,
मुंबई- +91-22-22851560-64
फैक्‍स नं. +91-22-22851555
ईमेल- romum@nhb.org.in

प्रतिनिधि कार्यालय

अहमदाबाद
श्री वी मागेश कुमार,
सहायक महाप्रबंधक
मोबाइल नं +91-9717200341
राष्‍ट्रीय आवास बैंक 
प्रतिनिधि कार्यालय- अहमदाबाद
मेज‍निन फ्लोर, जी-7, साकर-1,
गांधीग्राम रेलवे स्‍टेशन के सामने आश्रम रोड,  अहमदाबाद- 380009
फैक्‍स नं. +91-79-26582523
ईमेल- roahm@nhb.org.in
बैंगलुरु
श्री पीयूष पांडे,
सहायक महाप्रबंधक
मोबाइल नं +91-9717691299
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
प्रतिनिधि कार्यालय – बैंगलुरु
प्रथम तल, जीवन सुधा (एलआईसी) भवन,
24 मुख्य जे पी नगर,
प्रथम फेज़,
बैंगलुरु- 560078
फोन नं. +91-80-26650534
टेलीफैक्‍स +91-80-26650534
ईमेल-    roblr@nhb.org.in
हैदराबाद
श्री वेंकटेश टोटा
पक्षेत्रीय प्रबंधक
मोबाईल नं. +91- 8130498074
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
प्रतिनिधि कार्यालय- हैदराबाद
चतुर्थ तल, एपीएसएचसीएल बिल्डिंग
स्‍ट्रीट नं. 17, हिमायत नगर
हैदराबाद-500029
फोन नं. +91-040- 23264079
फैक्‍स नं. +91-40-23223376
ईमेल-ईमेल- rohyd@nhb.org.in
कोलकाता
श्री विक्रम देवा
क्षेत्रीय महाप्रबंधक
फोन नं.- + 91-9910603585
राष्‍ट्रीय आवास बैंक 
प्रतिनिधि कार्यालय-कोलकाता
प्रथम तल, हिंदुस्तान बिल्डिंग,
4 सी आर अवेन्यू,
कोलकाता- 700072
फोन नं. +91-33-22124034
फैक्‍स नं. +91-33-22124035
ईमेल– rokol@nhb.org.in
उपलब्धियां
वित्त वर्ष
1987-88
  • राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 का अधिनियमन
1988-89
  • राष्ट्रीय आवास बैंक की स्थापना
  • आवास ऋणों हेतु पुनर्वित्त योजनाएं शुरू की गईं
  • भूमि विकास एवं आश्रय परियोजनाओं हेतु योजनाएं शुरू की गईं
  • आवास वित्त कंपनियों (आ.वि.कं.)/भवन निर्माण सामग्री कंपनियां में इक्विटी सहभागिता हेतु योजना शुरू की गईं
1989-90
  • आवास ऋण खाता योजना शुरू की गईं
  • आवास वित्त कंपनी (रा.आ.बैंक) निदेश, 1989 जारी किया गया
  • यूएसएआईडी सरकारी आवास गारंटी कार्यक्रम के तहत 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर (पहला ऋण) का ऋण
1990-91
  • राष्ट्रीय आवास बैंक को ‘‘सार्वजनिक वित्तीय संस्थान’’ के रूप में अधिसूचित किया गया
1991-92
  • ओईसीएफ (वर्तमान में जेबीआईसी) से 2,970 बिलियन येन ऋण सहायता प्राप्त की
  • आवासीय अवसंरचना के वित्तपोषण के लिए योजना का शुभारंभ
1992-93
  • मलिन-बस्ती पुनर्विकास परियोजनाओं हेतु पुनर्वित्त योजनाएं शुरू की गईं
1994-95
  • असुरक्षित बांड के निर्गम का शुभारंभ
  • आ.वि.कं. हेतु विवेकपूर्ण मानदंड हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए
1995-96
  • स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास वित्त योजना पेश की गई
  • स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास वित्त के वित्‍तपोषण हेतु कर मुक्त बांड जारी किए
  • एशियाई विकास बैंक से वर्ष 1997-98 में 20 मिलियन यूएस डॉलर तथा वर्ष 1998-99 में 30 मिलियन यूएस डॉलर प्राप्त किए
2000-01
  • भारत में प्रथम रिहायशी मॉर्टगेज समर्थित प्रतिभूतियां (आरएमबीएस) जारी की गई
  • बीमा कारोबार में आ.वि.कं. के प्रवेश हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए
  • गुजरात में भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आवासीय इकाईयों के पुनर्निर्माण हेतु पुनर्वित्त योजना की घोषणा की गई
2002-03
  • आवास ऋणों हेतु उदारीकृत पुनर्वित्त योजना पेश की गई
2004-05
  • आरएमबीएस पर आ.वि.कं. को कारपोरेट गारंटी पहली बार प्रदान की गई
2005-06
  • आवास ऋण पर किए गए धोखाधड़ी की सूचना प्रसारित करने के लिए धोखाधड़ी प्रबंधन प्रकोष्ठ की स्थापना की गई
2006-07
  • एनएचबी रेजीडेक्स शुरू किया गया (प्रथम आधिकारिक आवास मूल्य सूचकांक)
  • नए उत्पादों का विकास समाज के अनछुए और अनछुए वर्गों के लिए किया गया
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिवर्स मॉर्टगेज लोन
  • ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादक आवास (पीएचआईआरए)
  • इंदिरा आवास योजना लाभार्थियों के लिए टॉप-अप ऋण के लिए पुनर्वित्त
  • नई ग्रामीण आवास वित्त कंपनियों में इक्विटी भागीदारी
  • समसामयिक पेपर एवं चर्चा पेपर श्रृंखला पेश किए गए
  • हैदराबाद में पहला क्षेत्रीय प्रतिनिधि कार्यालय खोला गया
2007-08
  • रा.आ.बैंक में ग्रामीण आवास निधि की स्थापना
  • ग्रामीण आवास माइक्रोफाइनेंस का शुभारंभ किया गया
  • ग़रीब आवास वित्त को केंद्र में रखते हुए एनएचबी – यूएनईएससीएपी का अध्ययन – 7 एशियाई देशों ने पहल की
  • आवास हेतु जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं हेतु यूएन हैबीटेट के साथ सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया
  • गृह ऋण परामर्श: डिप्लोमा कार्यक्रम आईआईबीएफ के साथ प्रस्तुत किया गया
  • चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में तीन क्षेत्रीय कार्यालय खोले गए
2008-09
  • एनएचबी रेजीडेक्‍स में 10 नए शहर जोड़े गए
  • आरएमएल परामर्श कार्यक्रम का शुभारंभ और चार शहरों में परामर्श केंद्र खोले गए
  • आवास सूचना पोर्टल (एचआईपी) का शुभारंभ किया गया
  • एनएचबी सुनिधि और एनएचबी सुवृधि, दो मीयादी जमा योजनाओं का शुभारंभ किया गया
  • 6वां क्षेत्रीय प्रतिनिधि कार्यालय अहमदाबाद में खोला गया
2009-10
  • दक्षिण एशिया क्षेत्र में अन्य संस्थानों/देशों के साथ आवास वित्त (APUHF) के लिए एशिया पैसिफिक यूनियन का विकास
2010-11
  • एनएचबी का संवितरण 12,000 करोड़ का आंकड़ा कर लिया, जो सर्वकालिक उच्च है
  • ऊर्जा कुशल आवास को बढ़ावा देने के लिए केएफडब्ल्यू, जर्मनी के साथ सहयोग
  • ग्रामीण आवास में कार्य करने के लिए SKOCH वित्तीय समावेशन पुरस्कार 2011
  • वर्ष 2011 के विकास वित्त-नेतृत्व गरीबी उन्मूलन के लिए ADFIAP पुरस्कार
  • 2 अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रतिनिधि कार्यालय (आरआरओ) पटना और भोपाल में खोले गए जिससे अब कुल आरआरओ की संख्या आठ है
2011-12
  • वर्ष 2011-2012 में ₹14390 करोड़ का पुनर्वित्त संवितरण जो वर्ष 2010-2011 के मुकाबले 22% अधिक था।
  • ग्रामीण आवास हेतु 5607 करोड़ का संवितरण जो कुल पुनर्वित्त संवितरण का 39% था
  • एनएचबी रेजीडेक्‍स 5 नये शहरों को कवर करने हेतु जनवरी 2012 से विस्तारित हुआ है जिससे अब कुल शहरों की संख्या 20 हो गयी है
  • रा.आ.बैंक द्वारा प्रबंधित किये जाने वाले दिनांक 1 मई, 2012 को स्थापित निम्न आय आवास हेतु ऋण जोखिम गारंटी निधि न्यास (सीआरजीएफटीएलआईएच)
  • रा.आ.बैंक को “आवास” श्रेणी में भारत में ऊर्जा कुशल नया रिहायशी आवास में अपनी परियोजना के लिए दिया गया SKOCH वित्तीय समावेशन पुरस्कार – 2012
  • रा.आ.बैंक को पुरस्कृत एसोसिएशन ऑफ डेवलपमेंट फाइनेंसिंग इंस्टिट्यूशन इन एशिया एंड पेसिफिक (ADFIAP) से वर्ष 2012 के लिए ऊर्जा कुशल आवास हेतु योग्यता प्रमाण पत्र
  • रा.आ.बैंक को आईपीई बीएफएसआई अवार्ड्स 2012 में “बेस्ट एम्प्लॉयर ब्रांड अवार्ड” दिया गया
2012-13
  • वर्ष 2012-2013 में ₹17635 करोड़ का पुनर्वित्त संवितरण जो वर्ष 2011-2012 के मुकाबले 22% अधिक था।
  • विकसित किये गये तीन नये उत्पाद यानी शहरी निम्न आय आवास हेतु विशेष पुनर्वित्त योजना, घरों में सौर जल तापक एवं प्रकाश उपकरण की संस्थापना हेतु पुनर्वित्त योजना और किफायती आवास के लिए निर्माण वित्त के लिए पुनर्वित्त योजना
  • 6.94% के औसत प्रतिफल पर सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से निर्गमन सहित संगठित 10 वर्षीय कर मुक्त बॉण्ड
  • एनएचबी रेजीडेक्‍स का विस्तार 6 नए शहरों जैसे कि चंडीगढ़, कोयम्बटूर, देहरादून, मेरठ, नागपुर और रायपुर से हुआ, जिसके चलते अब यह 26 शहर कवर करता है
  • दिल्ली नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (TOLIC) द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में बैंक की आंतरिक पत्रिका “अवास भारती” ने प्रथम पुरस्कार जीता
2013-14
  • परिचालन लाभ लगभग 18% तक और कर पश्चात लाभ ₹450 करोड़ से ₹ 487 करोड़ तक 8% से अधिक बढ़ गया
  • स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास वित्त योजना के तहत वित्तपोषित कुल इकाइयाँ 3,83,971 थीं। शुरुआत में वित्तपोषित कुल इकाइयाँ 42,98,863 थीं।
  • रा.आ.बैंक एवं यूके के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग, डीएफआईडी नें आठ निम्न आय राज्यों (एलआईएस) में किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए £50 मिलियन तक रा.आ.बैंक को डीएफआईडी की सहायता प्रदान करने के लिए इसमें निहित नियमों एवं शर्तों के अनुसार जिसमें महत्वपूर्ण मानदंडों के रूप में ऋण आकार, आय शामिल है, करार किया है।
  • भारत सरकार के माध्यम से विश्व बैंक के साथ साझेदारी में रा.आ.बैंक ने कार्यक्रम के तहत शहरी गरीबों को उनकी आवास आवश्यकताओं हेतु निधि के प्रवाह को प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया। रा.आ.बैंक विश्व बैंक से पांच वर्षों की अतिरिक्त अवधि के लिये 100 यूएस मिलियन डोलर प्राप्त करेगा जिसका उपयोग प्राथमिक ऋण संस्थानों (पीएलआई) द्वारा विस्तारित खुदरा ऋणों को पुनर्वित्त करने के लिए किया जाएगा, जो कार्यक्रम के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुरूप हैं।
  • रा.आ.बैंक ने भारतीय हरित निर्माण काउंसिल (आईजीबीसी) के साथ ऊर्जा कुशल आवास को बढ़ावा देने, सूचनाओं के आदान-प्रदान करने, क्षमता निर्माण, कार्यक्रमों और बैठकों में नेटवर्किंग और “रा.आ.बैंक ऊर्जा कुशल आवास और आईजीबीसी हरित आवास” के बीच तालमेल स्थापित करने के संबंध में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) में प्रवेश किया।
  • 10/15/20 वर्षों के परिपक्वता काल हेतु सार्वजनिक निर्गमों/ निजी स्थानन के माध्यम से आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (15) (iv) (एच) के तहत अभिलाभों वाले कर मुक्त बॉण्ड जारी करने के माध्यम से 4000 करोड़ रुपये संगठित किये गये। पहले दिन सभी निर्गमों पर अति अभिदत्त किया गया। बॉण्ड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध और व्यापार योग्य हैं।
2014-15
  • रा.आ.बैंक का कुल आस्ति आकार 2014-15 में ₹50,000 करोड़ से अधिक था।
  • पुनर्वित्त संवितरण ने वर्ष 2014-15 के दौरान ₹21,847 करोड़ की नई ऊंचाई हासिल की, जिसके मुकाबले 2013-14 में ₹17,856 करोड़ के संवितरण पर 22.35% की वृद्धि दर्ज की गई। यह रा.आ.बैंक द्वारा किया गया अब तक का सबसे अधिक वार्षिक संवितरण था
  • 10 लाख तक ऋणों का पुनर्वित्त संवितरण पिछले वर्ष में ₹6,173 करोड़ के एवज में वर्ष 2014-15 में ₹9,710 करोड़ के आंकड़े तक पहुँच गया।
  • पुनर्वित्त संवितरण का 25.38% ग्रामीण आवास यानी ग्रामीण आवास निधि (आरएचएफ) और स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास वित्त योजना (जीजेआरएचएफएस) को किया गया।
  • वर्ष 2014-15 के दौरान, 6 आवास वित्त कंपनियों (आ.वि.कं.) को राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 29क के तहत पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) प्रदान किया गया है, जिससे रा.आ.बैंक के साथ पंजीकृत आ.वि.कं. की संख्या यथा 30-06-2015 को 65 तक बढ़ गई है।
  • शिकायत पंजीकरण और सूचना डेटाबेस प्रणाली (ग्रिड्स), 24×7 ऑन-लाइन डेटाबेस प्रणाली को लागू किया, जो शिकायत दर्ज करने और अपने स्टेटस को ट्रैक करने के लिए आवास वित्त कंपनी / रा.आ.बैंक के ग्राहक को सुविधा प्रदान करता है।
  • कार्यान्वित जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा (आरबीआईए) प्रणाली।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऋण आधारित सब्सिडी योजना हेतु केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
  • आंतरिक पत्रिका “आवास भारती” को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 2013-14 के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • “आवास भारती” को भी दिल्ली बैंक राजभाषा कार्यान्वयन समिति (टोलिक) की ओर से प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया
2015-16
  • भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ₹1000 करोड़ की पूंजी का अंत: प्रवाह
  • ₹792 करोड़ का पैट
  • रा.आ.बैंक ने, सीएलएसएस के कार्यान्वयन हेतु एक केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) के रूप में, 145 प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। यथा 30-06-2016 तक, रा.आ.बैंक ने 57 प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों को ₹119.53 करोड़ की ब्याज सब्सिडी का संवितरण किया
  • सीएलएसएस दावे को दर्ज करने हेतु पीएलआई के लिए एक 24×7 ऑन-लाइन पोर्टल विकसित और कार्यांवयित किया गया था ताकि सीएलएसएस के तहत ब्याज सब्सिडी की प्रोसेसिंग के लिए रा.आ.बैंक में प्रवर्तन काल को कम किया जा सके।
  • वर्ष के दौरान तीन शोध अध्ययनों को शुरू किया गया
2016-17
  • ₹848 करोड़ का पैट
  • रा.आ.बैंक ने, सीएलएसएस के कार्यान्वयन हेतु एक केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) के रूप में, यथा 31-12-2017 तक, 113 प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों को ₹1600 करोड़ की ब्याज सब्सिडी का संवितरण किया
  • सीएलएसएस दावे को दर्ज करने हेतु पीएलआई के लिए एक 24×7 ऑन-लाइन पोर्टल विकसित और कार्यांवयित किया गया था ताकि सीएलएसएस के तहत ब्याज सब्सिडी की प्रोसेसिंग के लिए रा.आ.बैंक में प्रवर्तन काल को कम किया जा सके।
2017-18
  • बेहतर एनएचबी रेजिडेक्स शुरू किया गया और अब यह 50 शहरों को कवर करता है
  • वित्त अधिनियम, 2018 में राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया गया, जो अन्य बातों के साथ रिज़र्व बैंक से केंद्र सरकार को रा.आ.बैंक की शेयर पूंजी के हस्तांतरण में सक्षम बनाता है।
  • भारत सरकार ने रा.आ.बैंक में किफायती आवास निधि की स्थापना की घोषणा की
  • संचयी पुनर्वित्त संवितरण ₹2 लाख करोड़ से अधिक था
2018-19
  • बैंक की कुल आस्ति ₹75,000 करोड़ से अधिक थी
  • बैंक का पुनर्वित्त संवितरण ₹25,000 करोड़ से अधिक था
  • बैंक की पुनर्वित्त बकाया राशि ₹69,000 करोड़ से अधिक था
  • केंद्रीय बजट 2019 में घोषणा के अनुसार, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम 1987 में आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए गए थे। वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना संख्या एस.ओ. 2902 (ई), दिनांकित 09.08.2019 में दिनांक 09.08.2019 को अधिसूचित किया, जिस तिथि से वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 के अध्याय VI के भाग VII के प्रावधान लागू होंगे। तदनुसार, दिनांक 09.08.2019 से, आ.वि.कं. का विनियमन भारतीय रिज़र्व बैंक को स्थानांतरित हो गया।